आँख मिलते ही बाहम छा गई हैरानियाँ,
आईने की शक्ल याँ,आलम वहाँ तस्वीर का।
हाए वो दिन हो के वो दिल थाम कर तुझसे कहे ,
हाए जालिम तेरा नालाँ भी है किस तासीर का ।
This is for all those who love urdu,would like to Read and write Urdu.
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Wednesday, September 2, 2009
Sunday, August 16, 2009
अदू को देख कर-दाग़ देहलवी
दाग़ देहलवी
Thursday, August 13, 2009
लुत्फ़-ऐ-मय- दाग़ देहलवी
Wednesday, August 12, 2009
दाग़ देहलवी
यूँ चलिए राह-ए-शौक़ में ऐसे हवा चले,
हम बैठ बैठकर जो चले भी तो क्या चले।
बैठे उदास उठे परेशाँ ख़फ़ा चले,
पूछे तो कोई आपसे,क्या आए थे क्या चले ?
बैठा है ऐतकाफ़ में ए दाग़-ए-रोज़ादार
ऐ काश! मैकदे को ये मर्द-ए-खुदा चले।
हम बैठ बैठकर जो चले भी तो क्या चले।
बैठे उदास उठे परेशाँ ख़फ़ा चले,
पूछे तो कोई आपसे,क्या आए थे क्या चले ?
बैठा है ऐतकाफ़ में ए दाग़-ए-रोज़ादार
ऐ काश! मैकदे को ये मर्द-ए-खुदा चले।
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