Friday, August 21, 2009

हर जी हयात का है- मीर

हर जी हयात का है, सबब जो हयात का,
निकले है जी उसी के लिए,कायनात का।

बिखरे हैं ज़ुल्फ़ उस रुख-ऐ-आलमफरोज़ पर,
वरना बनाव होवे न दिन और रात का।

उसके फ़रोग-ए-हुस्न से झलके है सब में नूर,
शम्म-ए-हरम हो या के दिया सोमनाथ का।

क्या मीर तुझ को नामासियाही की फ़िक्र है ?
ख़त्म-ए-रसूल सा शख्स है ज़ामिन निजात का।

ज़ुल्मतकदे में मेरे शब्-ए-गम - ग़ालिब

ज़ुल्मतकदे में मेरे,शब्-ए-गम का जोश है,
इक शम्मा है दलील-ए-सहर, सो खामोश है।

न मुज़्दा-ए-विसाल न नज़ारा-ए-जमाल,
मुद्दत हुई की आस्तीं-ए-चश्म-ओ-गोश है।

मैंने किया है हुस्न-ए-खुद्दार को बे हिजाब ,
ऐ शौक़ याँ इजाज़त-ए-तस्लीम-ए-होश है।

गौहर को इक़्द-ए-गर्दन -ए-खुबाँमें देखना,
क्या औज पर सितारा-ए-गौहरफ़रोश है।

दीदार ,वादा , हौला, साक़ी निगाह-ए-मस्त,
बज़्म-ए-ख़याल मैक़दा-ए-बेखरोश है।

दाग़-ए-फिराक़-ए-सोहबत-ए-शब् की जली हुई,
इस शम्मा रह गई है सो वो भी खामोश है।

आते हैं गैब से ये मज़ामीं ख्याल में,
गालिब, सरीर-ए-खामाँ नवा-ए-सरोश है.

Thursday, August 20, 2009

पैकान

पैकान का अर्थ है नोक (तीर या तलवार) की :

پ+ي+ک+ا+ن=پيکان

ताब

ताब का अर्थ है धैर्य,सय्यम, सामर्थ्य।

ت+ا+ب=تاب

Tuesday, August 18, 2009

गुहर या गौहर

गुहर या गौहर का अर्थ है , मोती।


लाल

ल'अल या लाल याने मानिक(कीमती पत्थर )

ل+ع+ل=لعل

इस्तिआर

इस्तिआर का अर्थ है रूपक,अलंकार,उपमा ।

ا+س+ت+ع+ا+ر=استعار

शेर

शेर का अर्थ है कविता , काव्य ।

ش+ع+ر=شعر

इसकी लिखाई (ش+ي+ر=شير) से अलग है जिसका मतलब है बाघ.

सारे सुख़न हमारे- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

हम ने सब शेर में सँवारे थे,
हम से जितने सुख़न तुम्हारे थे।

रंग-ओ-खुशबू के हुस्न-ओ-खूबी के,
तुम से जितने इस्तिआरे थे।

तेरे क़ौल-ओ-क़रार से पहले ,
अपने कुछ और भी सहारे थे।

जब वोह लअल ओ गुहर हिसाब किए,
जो तेरे गम ने दिल पे वारे थे।

मेरे दामन आ गिरे सारे,
जितने तश्त-ऐ-फलक में तारे थे।

उम्र जावेद की दुआ करते,
फ़ैज़ इतने वो कब हमारे थे।


बासठ्वीं सालगिरह पर - "तुम ही कहो "- फ़ैज़

जब दुःख की नदिया में हम ने,जीवन की नाव डाली थी,
था कितना कस बल बाहों में, लोहों में कितनी लाली थी।

यूँ लगता था, दो हाथ लगे और नाव पूरम पार चली,
ऐसा न हुआ , हर धारे में कुछ अनदेखी मझधारें थीं,
कुछ मांझी थे अनजान बहुत,
कुछ बे परखीं पतवारें थीं,
अब जो भी चाहो छान करो,
अब जितना चाहो दोष धरो,
नदिया तो वही है नाव वही,
अब तुम ही कहो क्या करना है,
अब कैसे पार उतरना है।

जब अपनी छाती में हम ने,
उस देस के घाव देखे थे,
था वेदों पर विश्वास बहुत,
और याद बहुत से नुस्खे थे ,
यूँ लगता था बस कुछ दिन में ,
सारी बिपदा कट जायेगी,
और सब घाव भर जाएंगे,
ऐसा न हुआ की रोग अपने ,
कुछ इतने ढेर पुराने थे,
वेद उनकी टोह को पा न सके,
और टोटके सब बेकार गए,
अब जो भी चाहो छान करो,
अब जितना चाहो दोष धरो ,
छाती तो वही है,
घाव वही,
अब तुम ही कहो क्या करना है,
ये घाव कैसे भरना है।



Monday, August 17, 2009

हिज्र

हिज्र का अर्थ है वियोग,जुदाई ।

ھ+ج+ر=ھجر

वस्ल

वस्ल का अर्थ है मिलाप,मिलन ।

و+ص+ل=وصل

"Vasl" means union or meeting.

वफ़ा

वफ़ा का अर्थ है प्रतिज्ञा पालन , वचन पूर्ति ,भक्ति, एकनिष्ठा, प्रेम।

و+ف+ا=وفا

अहद

अहद भिन्न भिन्न अर्थों में उपयोग किया जाता है , अहद का अर्थ है:
१ प्रतिज्ञा या वचन ।
२ काल या युग ( अहद-ए-संग= प्रस्तर युग)
३ राज्य या सत्ता ।

ع+ح+د=عحد

English: "Ahad" is used for many different means :

1) It is used as  a noun and means decesion" or affirmation
2) Its also used as a noun meaning age or period. For example "Ahad-e-sang" means stones age.

तर्क

तर्क का अर्थ है विस्मरण या भूल जाना

ت+ر+ک=ترک

English: "Tark" means to forget, to erase from memory.

ख़ाक

ख़ाक का अर्थ है धूल,मिटटी या राख :

خ+ا+ک=خاک
English: "Khaak" means dust or ash.

दीद

दीद याने नज़र या दृष्टि :

د+ي+د=ڈيد

English : "Deed"  means eyes. It also means the capacity to view or "Vision".  The word forms a base for another word "Deedaar"( हिंदी - दीदार ) which means sight or view.
The word leads to another famously used phrase called " Deedaar-e-Yaar (हिंदी- दीदार -ए -यार )  which means glimpse or  sight of one's lover.

कब तक दिल की खैर मनाएं-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

कब तक दिल की खैर मनाएं, कब तक रह दिखलावेंगे
कब तक चमन की मोहलत दोगे,कब तक याद न आओगे

बीता दीद उम्मीद का मौसम, खाक उड़ती है आंखों में
कब भेजोगे दर्द का बादल, कब बरखा बरसाओगे

अहद-ए-वफ़ा या तर्क-ए-मोहब्बत जो चाहो सो आप करो
अपने बस की बात ही क्या है,हम से क्या मन्वाओगे

किस ने वस्ल का सूरज देखा , किस पर हिज्र की रात ढली
गेसुओं वाले कौन थे क्या थे, उन को क्या जतलाओगे

फ़ैज़ दिलों के भाग में है घर भरना भी लुट जाना भी,
तुम उस हुस्न के लुत्फ़-ओ-करम पर , कितने दिन इतराओगे ?




दार

दार का अर्थ है घर,स्थान,जगह।

د+ا+ر=دار
फ़राज़ दार का अर्थ है ऊंची जगह या स्वर्ग .

English: "Daar" means place or home. In the earlier post a word "Faraaz" has been used, Faraaz means Elevated and hence Faraaz daar means "An elevated place" also used for referrring to heaven. 

फ़राज़

फ़राज़ का अर्थ है ऊंची , ऊंचा।

ف+ر+ا+ز=فراز

"Faraz" is a very popoular name. I t means Elevation or "to get elevated", "to rise above". The word is famously used by urdu poet "Ahmed Faraz" as his pen name or Takhallus.

हस्ती

हस्ती का अर्थ है अस्तित्व , जीवन ।

ھ+س+ت+ي=ھستي

Its a beautiful word.
"Hasti" means existance, life.

ज़ेर

ज़ेर का अर्थ है नीचे , ज़ेर-ए-कदम मतलब क़दमों के नीचे, ज़ेर-ए-लब होठों के नीचे।

ز+ي+ر=زير

कहीं से लौट कर हम --- कैफ़ी आज़मी

कहीं से लौट के हम लड़खडाए हैं क्या क्या
सितारे ज़ेर-ए-क़दम रात आए हैं क्या क्या ।

नसीब-ए-हस्ती से अफ़सोस हम उभर न सके,
फ़राज़-ए-दार से पैग़ाम आए हैं क्या क्या।

जब उस ने हार के खंजर ज़मीं पे फ़ेंक दिया,
तमाम ज़ख्म-ए-जिगर मुस्कुराए हैं क्या क्या।

छटा जहाँ से उस आवाज़ का घना बादल,
वहीं से धूप ने तलवे जलाये हैं क्या क्या।

उठा के सर मुझे इतना तो देख लेने दे,
के क़त्ल गाह में दीवाने आए हैं क्या क्या।

कहीं अंधेरे से मानूस हो न जाए अदब ,
चराग तेज़ हवा ने बुझ्हाए हैं क्या क्या।


Sunday, August 16, 2009

हूर

हूर का अर्थ है परी,अप्सरा ।

ح+و+ر=حور

ज़िक्र

ज़िक्र का अर्थ है चर्चा, उल्लेख, रेफेरेंस :

ر+ش+ک=رشک

रश्क


रश्क का अर्थ है ईर्षा,मत्सर , जलन।

ر+ش+ک=رشک

गुल

गुल याने फूल

گ+ل=گل

बादः-ए-गुल रंग का शाब्दिक अर्थ है फूल के रंग की शराब , यहाँ पर इसे रंगीन शराब के अर्थ में इस्तेमाल किया गया है.

सुरूर

सुरूर का अर्थ है हर्ष,आनंद, कैफियत,नशा।

س+ر+و+ر=سرور

अदू

अदू का अर्थ है शत्रु, दुश्मन।

ع+د+و=عدو

अदू को देख कर-दाग़ देहलवी

अदू को देख कर आंखों में अपनी खूँ उतरा,
वो समझे बादा-ए-गुल-रंग का सुरूर आया।

क़सम भी वो कभी क़ुरान की नहीं खाते ,
ये रश्क है उन्हें क्यूं इसमें ज़िक्र-ए-हूर आया।

बाईस

बाईस का अर्थ है कारण, वजह :

ب+ا+‏ع+ث=باعث

जबीं

जबीं का मतलब है माथा या कपाल :

ج+ب+ي+ں=جبيں

दाग़ देहलवी

पड़ा है बल जबीं पर , क्या सबब क्या वजह क्या बाईस?
हुआ क्यूं तेज़ खंजर ,क्या सबब? क्या वजह? क्या बाईस?

कहा अगर हमने हरजाई तो तुमने क्यों बुरा माना?
फिर करते हो दिन भर, क्या सबब?क्या वजह ? क्या बाईस?

इशारों में हुईं थीं मुझसे उनसे कुछ बातें,
यही चर्चा है घर घर , क्या सबब ? क्या वजह ? क्या बाईस?