Wednesday, September 2, 2009

आँख मिलते ही बाहम छा गई - दाग़

आँख मिलते ही बाहम छा गई हैरानियाँ,
आईने की शक्ल याँ,आलम वहाँ तस्वीर का।

हाए वो दिन हो के वो दिल थाम कर तुझसे कहे ,
हाए जालिम तेरा नालाँ भी है किस तासीर का ।

1 comment:

Nirmla Kapila said...

लाजवाब बधाई